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हिंदी कहानी, मजेदार कहानियाँ, मेगी खाने वाले लोग – 2026 छोटी कहानी इन हिंदी

Kahani in Hindi: – यह हिंदी कहानी गाजियाबाद के वैशाली में रहने वाले एक जोशी परिवार की हैं सर्दियों के मौसल में यह जोशी परिवार अपनी बहूँ राधिका के साथ नैनीताल में घूमने के लिए जाता हैं यह एक मजेदार कहानी हैं

कहानी मे मुख्य किरदार

मुख्य किरदार रिश्ताकिरदार नाम
बहूँ का नामराधिका जोशी
पति का नामविष्णु जोशी
सास का नामरज्जो जोशी
ससुर का नाममनोज जोशी
मेगी पॉइंट का मालिकरामू भाई
विष्णु की बुआसविता जोशी
कहानी का स्थाननैनीताल, उत्तराखंड

 

हिंदी कहानी का आरंभ – Hindi Kahani

एक दिन वैशाली का यह परिवार उत्तराखंड के खूबसूरत शहर नैनीताल पहाड़ों पर घूमने के लिए जाता हैं यहाँ बहूँ राधिका अपने सुसराल वालों के साथ नैनीताल मे मेगी खाते हुए मन-मन मे बड़बड़ा रही हैं हाँ, परेशान होने वाली बात हैं

हिंदी कहानी, मजेदार कहानियाँ, मेगी खाने वाले लोग - 2026 छोटी कहानी इन हिंदी

क्योंकि राधिका का परिवार नैनीताल मे घूमने की जगह, मेगी बार-बार खाने के लिए खड़ा हो जाता हैं राधिका अपने मन-मन मे बड़बड़ाते हुए कहती हैं कि हद हैं! मैं परेशान होने लगी हूँ! हम यहाँ मेगी खाने के लिए नहीं बल्कि घूमने के लिए आए हैं

लेकिन इनको सिर्फ खड़े होकर पहाड़ों पर मेगी खानी हैं पता नहीं नैनीताल के इस ठंडे महोल मे इनको ठंड नहीं लग रही हैं क्या?

उससे अगले दिन राधिका सोचती हैं कि बाहर जाकर मेरा परिवार घूमेगा नहीं केवल मेगी खाएगा वह अपने पति विष्णु से बोलती हैं कि जी, हम यहाँ घूमने के लिए आए हैं लेकिन आप सभी लोग केवल मेगी खाने में लगे हुए हैं

विष्णु कहता है कि राधिका! देखो तुम्हें तो पता हैं ना कि हमें मेगी कितनी अच्छी लगती हैं यहाँ नैनीताल में मेगी और पहाड़ों का एक अनोखा सुई और धागे समान रिश्ता हैं इसीलिए मेरा मानना है कि अगर नैनीताल आकर हमने मेगी का लुप्त नहीं उठाया तो क्या आनंद लिया

विष्णु द्वारा यह सब सुनने के बाद राधिका! का मूड अधिक खराब हो जाता है राधिका मन में सोच लेती हैं कि उसको अब परिवार वालों के साथ कोई मेगी नहीं खानी हैं

परिवार हिमालयन व्यू पॉइंट घूमने गए

कुछ देर बाद उसका परिवार हिमालयन व्यू पॉइंट देखने के लिए जाने लगता हैं राधिका भी हिमालयन व्यू पॉइंट देखने के लिए जाने लगती हैं वहाँ पहुँचकर विष्णु की माँ रज्जो, विष्णु ने एक प्लेट वेजिटेबल वाली मेगी लाने के लिए बोलती हैं

परिवार हिमालयन व्यू पॉइंट घूमने गए

रज्जो कहती हैं कि विष्णु बेटा, यहाँ सिम्पल मेगी में केवल पानी और मसाला डालकर उसको उबाल देते हैं

उधर विष्णु के पिता मनोज जोशी भी विष्णु को अपने लिए एक वेजिटेबल मेगी लाने के लिए कहते हैं यहाँ बहूँ राधिका, पति विष्णु से एक कप चाय और गरमा-गरम ब्रेड पकोड़ा लाने के लिए कहती हैं राधिका अपने मन वाली बात को मेगी न मगाकर कहने का प्रयास करती हैं

राधिका कहती हैं कि नैनीताल के इस ठंडे मौसम में चाय के साथ ब्रेड पकोड़े बहुत अच्छे लगते है यह सुनकर रज्जो कहती हैं कि अरे राधिका बहूँ! तुझे यहाँ आकर ब्रेड-पकोड़े खाने हैं वह तो मैं तेरे के लिए गाजियाबाद जाकर भी बना दूँगी

तभी बहूँ राधिका उत्तर देते हुए कहती हैं कि हाँ, मम्मी जी! हम जब से नैनीताल आए हैं सिर्फ मेगी ही खाए जा रहे हैं मेगी तो मैं आप सभी के लिए घर पर भी बना सकती हूँ फिर हम यहाँ घूमने की जगह मेगी क्यों खा रहे हैं

पता नहीं मैं यह कैसे परिवार मे आ गई हूँ मुझे माफ कीजिए मम्मी जी! लेकिन सच कहे बिना मुझसे नहीं रहा गया विष्णु कहता है कि अरे राधिका! तुम यह क्या बोल रही हो मम्मी-पापा के सामने यह सब बाते करना जरूरी हैं क्या? उनको कितना बुरा लगेगा?

राधिका कहती है कि मुझे माफ कर दीजिए विष्णु जी लेकिन हम जब से उत्तराखंड घूमने के लिए आए हैं तब से लेकर अब तक लगभग पंद्रह बार हम मेगी खा चुके है ठंड बहुत अधिक थी

लेकिन राधिका ने कापते हुए कहा कि विष्णु जी कल भी हमने खाने में हल्के खाने की जगह मेगी को खाया राधिका की बातें सूनकर रज्जो और मनोज दोनों एकदम चुप रह जाते हैं

मेगी स्टाल मालिक रामू का आगमन

वहाँ मेगी स्टाल का मालिक रामू ( उम्र 25 बर्ष ) आकर कहता है कि दीदी! आपको शायद पता नहीं है कि यहाँ जो मेगी बनाई जाती हैं उसमें यहाँ का पानी और कुछ जड़ी बूटियाँ स्पेशल होती हैं लेकिन मैं आपके लिए स्पेशल गरमा-गरम प्यार-आलू के पकोड़ें बना देता हूँ

मेगी स्टाल मालिक रामू का आगमन

राधिका ने कहा कि ठीक हैं! भाईयाँ आप मेरे लिए पकोड़े लेकर आए मुझे मेगी नहीं खानी हैं राधिका मेगी से परेशान हो चुकी हैं लेकिन रज्जो कहती है कि राधिका बहूँ तुझे यह पता नहीं है कि मेगी एक एहसास हैं जो हमे वेकेशन पर होने का एहसास दिलाती हैं और पकोड़ें में कितना तेल होता है वह तुम्हारे लिए सही नहीं हैं

राधिका कहती है कि मम्मीजी! मेगी में मंदा होती हैं और वो पेट के लिए अधिक खराब होती हैं लेकिन अब सभी लोग मेगी बहुत अधिक खाते हैं यहाँ सविता ( विष्णु बुआ ) आती हैं और कहती हैं बेटा विष्णु मेरी मेगी में एक्स्ट्रा चीजे भी अलग से गिरवाना हैं राधिका बुआ से कहती हैं कि बुआ जी मुझे लगा आप मेरा साथ देंगी

सविता कहने लगती हैं कि अरे बहूँ राधिका! नैनीताल में ठंड बहुत अधिक हैं ऐसे में मेगी 2 मिनिट का वादा करके हमें लगभग 8 मिनिट में प्राप्त होती हैं अब बहूँ इतनी ठंड मे ज्यादा देर रुका नहीं जाता हैं

राधिका मन में यह सोचती हैं कि मैं तो आज चाय और ब्रेड-पकोड़ा खाऊँगी वह रामू से बोली रामू भाईया आप मेरे लिए जल्दी से गरमा-गरम चाय-पकोड़े बना दीजिए और इन अभी के लिए मेगी बना दीजिए

यहाँ राधिका का पति विष्णु पत्नी और माँ दोनों के बीच मे फंस गया तभी उसने रामू को अपने लिए एक प्लेट मेगी और एक प्लेट ब्रेड-पकोड़े लगाने के लिए कहा

जब गरमा-गरम ब्रेड पकोड़े, चाय और हरी चटनी रामू मेज पर लेकर आया, तब उसकी खुशबू सभी के कानों मे फैलने लगी रामू ने प्यार, आलू, गोभी, बेगन और कुछ मिर्ची के पकोड़ें स्पेशल राधिका के लिए बनाए थे राधिका भी उन पकोड़ों को आराम-आराम से पूरा स्वाद लेकर सबके सामने खा रही थी

वह पहले पकोड़ें पर चटनी लगाती और फिर उसको धीरे-धीरे खाने लगती गरमा-गरम ब्रेड पकोड़ों की महक रज्जो और अन्य परिवार वालों को अपनी तरफ खीव रही थी परिणामस्वरूप राधिका का पूरा परिवार उन पकोड़ों को खाने लगा

जिसके बाद रज्जो ने रामू से कहा कि वाह! क्या बात हैं रामू बेटा तूने तो कमाल कर दिया इतने अच्छे पकोड़ें हैं यहाँ अब धीरे-धीरे सब लोग अपनी मेगी का ऑर्डर कैन्सल करके और पकोड़ें मँगवाने लग गए

मौसल भी अच्छा था नैनीताल में थोड़ी बहुत बर्फ पड़ रही थी ठंडी का मौसम था उसके साथ साथ चाय और पकोड़ें खाने का मजा अलग ही आनंद देता हैं यहाँ रज्जो बहूँ राधिका से कहती हैं कि बहूँ तूने हमे सही रास्ता दिखाया हैं, बार-बार मेगी खाना सही नहीं था हमारी गलती हैं और अब तेरे ससुराल में हम इतने भी बुरे नहीं हैं

राधिका अपनी सास रज्जो की बातें सुनकर थोड़ा-सा भावुक होते हुए कहती हैं कि नहीं! मम्मी जी! मुझे आप माफ कर दीजिए मेरा उद्देश्य आपका दिल दुखाने का नहीं था और मैं समझ गई हूँ हमारे परिवार का यह फॅमिली टाइम हैं यहाँ झगड़ा खाने का नहीं था

यहाँ पहाड़ों पर आना हमारी खुशियों वाली छोटी-छोटी यादें हैं और मेगी आप सभी लोगों के स्वास्थ्य के लिए सही नहीं हैं रज्जो कहती हैं कि हाँ बेटा! मुझे पता हैं और मुझे तेरी बातों का बिल्कुल भी बुरा नहीं लगा हैं

पूरा परिवार नैनीताल घुमा

अब यह जोशी परिवार नैनीताल में सभी जगह घूमने के लिए गया, राधिका अपने परिवार के साथ घूमकर बहुत खुश थी यह सभी सबसे पहले स्नो व्यू पॉइंट पहुँचे जहाँ राधिका ने अपने परिवार के साथ बर्फ से ढकी हुई हिमालय की खूबसूरत चोटियों का लुप्त उठाया

उसके बाद राधिका अपने पति विष्णु के साथ नैना पीक पर ट्रेकिंग के लिए गई वहाँ उन्होंने बहुत मजे लिए, फिर अगले दिन सुबह सबसे पहले समस्त जोशी परिवार ने एक साथ नैना देवी मंदिर दर्शन किया तथा कैंची धाम घूमने का प्लान बनाया उसके बाद वह वाप अपने घर गाजियाबाद के लिए निकले

सीख – दोस्तों किसी भी चीज को केवल स्वाद के उद्देश्य से खाना, तभी तक सही हैं जब तक उसको उचित मात्रा में ग्रहण किया जाए 

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