Love Story in Hindi: – प्यार का नाम सुनकर अक्सर युवाओं के दिलों के तार छिड़ जातें है ऐसा इसीलिए होता है क्योंकि प्यार जीवन का एक खास एहसास होता है जिसमें दो लोग एक दूसरे का साथ कठिन परिस्थितियों, सामाजिक बाधाओं एंव लॉन्ग-डिस्टेंस होने के बावजूद निभाते हैं
वास्तव में यह रिश्ते मात्र ट्रस्ट के आधार पर विवाह का रूप लेने में सक्षम होते है इस बात को सत्य सिद्ध करने के लिए यह प्रेम कहानी एक अच्छा उदाहरण हैं
यह सच्चाई हैं कि कई बार युवा पीढ़ी नर्वसनेस होने की वजह से अपने दिल वाली बात, अपने प्यार को बता नहीं पाती हैं लेकिन प्यार सिर्फ बताकर नहीं किया जाता हैं बल्कि आपके द्वारा प्यार के लिए किया गया हर कार्य, आपके प्यार का सबूत होता है
प्यार उम्र, जाति, धर्म इत्यादि चीजों को नहीं देखता हैं कुछ लोगों को स्कूल मे प्रेम हो जाता हैं लेकिन स्कूल वाले सच्चे प्यार मासूमियत वाला होता हैं जोकि अधिकतर मनुष्यों के जीवन में उनका पहला प्यार बनता है तथा किशोरावस्था के दौरान मनुष्य के भावनात्मक विकास का एक हिस्सा बनता हैं
स्कूल वाला इश्क लाइफ में कुछ ऐसे मीठी और खूबसूरत यादों को बना देता हैं जिसको पूरे जीवनभर भुलाया नहीं जा सकता हैं आज मैं आपको स्कूल वाली एक ऐसी खूबसूरत लव स्टोरी के बारे मे बताने वाला हूँ जिसको पढ़कर आप स्कूल वाले मासूम प्यार को पसंद करने लग जाएंगे
महत्वपूर्ण किरदारों वाली सूची
| नाम – | आकाश शर्मा |
| पिता – | तरुण शर्मा |
| माता – | माधवी शर्मा |
| लड़की का नाम – | मिताली जोशी |
| पिता – | सुरेन्द्र जोशी |
| माता – | कीर्ति जोशी |
स्कूल से शुरू हुई आकाश और मिताली की प्रेम कहानी (Love Story in Hindi) – Romantic Love Stories in Hindi.. (प्रेम कहानियाँ)
यह स्टोरी वास्तव में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से हैं जहाँ स्थित पायनियर कान्वेंट स्कूल (महालक्ष्मी नगर) में एक आकाश नाम का लड़का 11 क्लास मे पढ़ता था और मिताली जोशी उसकी क्लासमेट थी यहाँ आकाश पहले से पायनियर कान्वेंट स्कूल में पढ़ रहा था
लेकिन मिताली जोशी ने कक्षा 11 से वहाँ ऐडमिशन लिया था पढ़ाई-लिखाई के मामले में मिताली एक अच्छी लड़की थी और आकाश शर्मा भी कक्षा का एक बुद्धिमान छात्र था सोमवार के दिन पहली बार आकाश ने अपनी कक्षा में न्यू ऐडमिशन मिताली को देखा,
मिताली के लिए नए स्कूल में कक्षा का यह पहला दिन था परिणामस्वरूप वह थोड़ी नर्वस थी उस दौरान अपनी स्कूल ड्रेस में देखकर आकाश का मन उसको देखने से भर नहीं रहा था वह कक्षा में खिड़की के पास वाली बेंच पर बैठी थी, क्लास की खिड़की से हवा आने के कारण, मिताली के कुछ बाल उड़ रहे थे
आकाश के सामने यह द्रश्य उसके दिल को छू-सा रहा था वास्तव मे आकाश किसी लड़की को देखकर यह सब फ़ील करने वाले लड़कों में से नहीं था कक्षा में वह पढ़ाई को लेकर अधिक रुचि रखने वाला लड़का था लेकिन उसके लिए मिताली की बात कुछ और थी
3 महीनों बाद हुई दोस्ती की शुरुआत
आकाश अक्सर लड़कियों से दूर रहने का प्रयास करता था लेकिन एक क्लास में बिना बातचीत के अधिक समय तक नहीं रहा जा सकता है शुरुआत में आकाश और मिताली दोनों एक दूसरे से बिल्कुल भी बातचीत नहीं किया करते थे मिताली ने कुछ अन्य लड़कियों को अपना दोस्त बना लिया था
परंतु एक दिन मिताली को पढ़ाई के लिए कुछ महत्वपूर्ण नोट्स की जरूरत थी जिसके लिए, स्कूल की छुट्टी के बाद उसने आकाश से कहा कि मुझे केमिस्ट्री विषय पर कुछ नोट्स चाहिए क्या आप मुझे अपने नोट्स दिखा सकते हैं
आकाश दिल से भी एक अच्छा लड़का था, लेकिन मिताली के कहने पर उसने बिना कुछ सोचे समझे उसको अपने केमिस्ट्री के नोट्स पढ़ने हेतु दे दिए यहाँ वह यह भूल गया था कि कल उसको इन केमिस्ट्री के नोट्स की अधिक जरूरत हैं क्योंकि कल केमिस्ट्री क्लास में अध्यापक द्वारा यह चेक होने वाले थे

नोट्स का कार्य मिताली द्वारा घर पर किया गया था लेकिन स्कूल आने के चक्कर में मिताली आकाश के नोट्स को गलती से अपने घर पर भूल आई थी, कक्षा में जब आकाश द्वारा मिताली से नोट्स को मांगा गया तब उसको याद आया कि वह आकाश के नोट्स को अपने घर पर भूल आई है
वह इसके लिए बहुत शर्मिंदा थी उधर केमिस्ट्री क्लास के दौरान अध्यापक द्वारा नोट्स चेक किये जाने पर आकाश को टीचर से डाट सुननी पड़ी जिसका मिताली को बहुत बुरा लगा क्लास खत्म होने के बाद मिताली ने आकाश से माफी मांगी इस घटना के बाद उनके बीच क्लास मे बातचीत होना शुरू हो गया था तथा वह धीरे-धीरे एक दूसरे के अच्छे दोस्त बन गए थे
लिब्रेरी में हुई अगली खास मुलाकात
कुछ दिनों बाद क्लास 11 की अंतिम परीक्षाओं से पूर्व आकाश और मिताली की मुलाकात स्कूल वाली लाइब्रेरी में होती हैं जहाँ पर मिताली अपनी कुछ सहेलियों के साथ परीक्षा के संबंधित बुक्स पढ़ने के लिए आई हैं उस दौरान आकाश भी लाइब्रेरी में एक बुक रखने के लिए आता हैं

तथा बुक रखते हुए मिताली को चोरी-छुपके देखता हैं उस दौरान मिताली को उसकी कक्षा वाला नवीन नाम का शरारती लड़का कुछ गलत बातें मजाक करते हुए बोलने लगता हैं यह सुनकर मिताली, उसको अच्छे से समझाती हैं और प्रधानाचार्य के समक्ष उसकी शिकायत भी करती हैं
आकाश मिताली का यह रूप देखकर थोड़ा-सा घबरा जाता हैं और बिना कुछ कहे लाइब्रेरी में बुक रखकर वापस जाने लगता हैं तभी मिताली उसको देखती हैं और उससे गणित के विषय पर पढ़ाई में मदद करने के लिए कहने लगती हैं
यहाँ परिस्थितियों के हिसाब से आकाश, मिताली के साथ बातचीत करने में थोड़ा अधिक हिचकिचाहट महसूस कर रहा था गणित मे मदद के लिए उसको मिताली के साथ बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती इसीलिए वह मिताली को गणित के नोट्स देकर वहाँ से चला जाता हैं

मिताली अपने घर पर शाम के समय आकाश द्वारा दिए गए नोट्स से पढ़ाई करते हुए यह सोचने लगती हैं कि गणित विषय पर आकाश ने उसके साथ बैठकर पढ़ाई करने से क्यों मना किया होगा..
मिताली को लगा कि शायद! आकाश पहले वाली बात को लेकर उससे अभी तक नाराज हैं इसीलिए अगले दिन वह दुबारा स्कूल वाली लाइब्रेरी में आकाश का इंतेजार करने लगती हैं पढ़ाई में अधिक रुचि होने के कारण आकाश फिर किसी बुक को ढूँढता हुआ लाइब्रेरी आ जाता हैं
जहाँ मिताली को पहले से उपस्थित देखकर, उसे आश्चर्य होता हैं मिताली आकाश से बात करने का प्रयास करती हैं लेकिन आकाश बुक ढूंढने मे व्यस्त रहता हैं मिताली के प्रति आकाश की यह प्रतिक्रिया देखकर, मिताली को बुरा लगता हैं जिसके बाद वह आकाश से बात करने के लिए थोड़ा इंतेजार करती हैं

आकाश द्वारा लाइब्रेरी से बुक को ढूँढने के बाद वह उससे बोलती हैं कि काश! क्या अभी भी तुम पिछली बात को लेकर मुझसे नाराज हो?
मिताली को परेशान देखकर आकाश कहता है कि नहीं! मिताली! ऐसा कुछ भी नहीं हैं मैं तो बस कल वाली बात को लेकर थोड़ा नर्वसनेस महसूस कर रहा था, और पिछली बात तुम्हें अभी तक याद हैं..
आकाश के मुँह से यह सुनकर मिताली का मन हल्का होता हैं जिसके बाद वह कहती है कि अच्छा! मुझे लगा कि आप अभी तक मेरे नोट्स वाली बात को लेकर नाराज हैं! कल नवीन मुझे परेशान कर रहा था बस इसीलिए मैंने वो सब किया..
उत्तर में आकाश बोलता है कि हाँ मैं समझ सकता हूँ!
मिताली आकाश के समक्ष पुन गणित विषय पर कुछ प्रश्नों को समझाने का प्रस्ताव रखते हुए कहती है कि क्या आप गणित के नोट्स में आने वाली मेरी कुछ समस्याओं का समाधान निकालने मे मेरी मदद कर सकते हैं
मिताली से दुबारा गणित विषय पर मदद वाली बात सुनकर आकाश उसकी मदद के लिए तैयार हो जाता हैं जिसके बाद लाइब्रेरी में दोनों हँसी-मजाक के साथ गणित के प्रश्नों को हल करने का प्रयास करने लगते हैं
चुपके-छुपके एक-दूसरे को देखना
समय के साथ-साथ आकाश और मिताली के दिल में एक दूसरे के लिए प्यार वाला एहसास धीरे-धीरे जन्म लेने लगा था लेकिन मिताली उस बात से अंजान थी आकाश का चुपके-छुपके मिताली को देखना स्वभाविक था

लेकिन मिताली भी आकाश को चुपके-छुपके कक्षा में देखती थी उस दौरान मिताली खुद से यह सवाल पूछती थी कि वह ऐसा क्यों कर रही हैं लेकिन उसको अपने प्रश्न का साफ-साफ उत्तर समझ नहीं आ रहा था बस उसको ऐसा करना अच्छा लगता था
क्लास 11 मे प्राप्त किया सेकंड पोजीशन
क्लास 11 में आकाश के साथ हँसी-मजाक के साथ-साथ मिताली पढ़ाई भी अच्छी तरह करने लगी थी परिणामस्वरूप स्कूल में क्लास 11 के अंदर मिताली ने सेकंड स्थान प्राप्त किया, आकाश शुरू से टॉपर वाली लिस्ट में प्रथम स्थान पर रहता था

इसीलिए आकाश ने क्लास 11 में सभी छात्रों से अधिक अंक प्राप्त करके प्रथम स्थान प्राप्त किया था मिताली को दूसरा स्थान मिलने पर वह खुश थी तथा कक्षा में उसको इसके लिए सम्मानित भी किया गया था
लिखा प्यार से भरा लव वाला लेटर
क्लास 12 के अंत तक आकाश और मिताली अच्छे मित्र बन चुके थे तब कक्षा 12 की अंतिम परीक्षा के दौरान आकाश ने मिताली के लिए एक लव लेटर लिखा, उस दौरान वह यह जानता था कि इन परीक्षाओ के बाद, मिताली और वो दोनों अलग हो जायेगे
ऐसे में मिताली के लिए उसके दिल में जो प्यार था उसको बया करना जरूरी हो गया था जिसके लिए उसने मिताली को एक लव वाली चिट्ठी लिखने का निर्णय लिया जिसमें उसने लिखा कि
मिताली! हम पीछे डेढ़ साल से एक साथ पढ़ रहे हैं, तुम्हें पता है कि जब मैंने तुम्हें पहली बार क्लास 11 में देखा था मेरा दिल सिर्फ तुम्हें देखे जा रहा था, उससे पहले मैंने कभी किसी लड़की को इस तरह नहीं देखा था, मुझे लड़कियों से बात करना कम अच्छा लगता था
इसीलिए मैं उनसे दूर रहता था पर जब तुमने मुझसे पहली बार नोट्स के लिए कहा तो मैं खुद को तुम्हारी मदद करने से नहीं रोक पाया!
मुझे नहीं पता कि यह सब क्या हो रहा था लेकिन उसके बाद हम क्लास में अच्छे दोस्त बन गए मुझे तुम्हारा साथ बहुत अच्छा लगता हैं, मैं ज़िंदिगीभर तुम्हारे साथ रहना चाहता हूँ, मेरे दिल में तुम्हारे लिए बहुत सारा प्रेम हैं, शायद तुम्हारे दिल में भी मेरे लिए कुछ छुपा हो,,,
मिताली, आकाश के दिल की बात को जानकर खुश हो जाती है आश्चर्य वाली बात यह हैं कि उसको आकाश के ऊपर बिल्कुल भी गुस्सा नहीं आता है क्योंकि उसको भी यह एहसास होने लगा था कि उसके दिल में आकाश के लिए प्रेम वाली भवनाए हैं पर वह इतनी आसानी से आकाश से हाँ नहीं बोलना चाहती थी

कुछ दिनों बाद तीज बारिश हो रही हैं और मिताली-आकाश एक छाते में खड़े होकर बात कर रहे हैं इस दौरान मिताली, आकाश से मिलकर कहती हैं कि आकाश यह सब क्या हैं? मैंने तुम्हारे बारे मे यह सब नहीं सोचा था, तुम भी बाकी लड़कों की तरह कैसे?
मिताली के मुँह से यह बातें सुनकर आकाश निराश होने लगता हैं तभी मिताली हँसते हुए आकाश से कहती हैं कि मैं मजाक कर रही थी! मैं भी तुमसे प्यार करने लगी हूँ, और इसका एहसास मुझे कुछ दिनों पहले हो गया था लेकिन मैं तुमसे यह बात खुलकर करने में हिचकिचाहट महसूस कर रही थी
त्याग वाला निर्णय लिया गया
मिताली द्वारा आकाश के दिए लव लेटर का जवाब हाँ मे देने के कुछ दिनों बाद अपनी अगली पढ़ाई के लिए आकाश और मिताली का अलग होना तय था किशोरावस्था में पढ़ाई के महत्व को पढ़ने-लिखने में रुचि रखने वाला व्यक्ति अच्छे से समझता हैं
आकाश और मिताली दोनों जीवन में पढ़ाई के महत्व को जानते थे तथा एक दूसरे से सच्चा प्यार करने के कारण वह एक दूसरे को पढ़ाई में पीछे नहीं देखना चाहते हैं मिताली दिल्ली जाकर अपनी आगे वाली पढ़ाई को पूरा करना चाहती थी और आकाश लखनऊ से अपनी पढ़ाई को पूरा करना चाहता हैं
जिसके बाद दोनों ने मिलकर समझदारी भरा त्याग वाला निर्णय लिया उन दोनों का प्यार एकदम निश्छल था वह बीच-बीच में थोड़ी बहुत बातें करते थे आश्चर्य वाली बात यह थी कि युवा अवस्था में अलग होने के बाद उनका प्रेम उसी तरह कायम था

पढ़ने के लिए दिल्ली आई मिताली का ध्यान कई बार पढ़ाई से हट जाया करता था वह आकाश के साथ बिताए गए पलों को याद करके उदास हो जाती थी उस दौरान मिताली, आकाश के साथ हँसी मजाक करना, टिफिन शेयर करना, चोरी-चोरी मिलना इत्यादि पलों को याद करती थी
पढ़ाई के बाद आकाश-मिताली का मिलन
लगभग 5 वर्षों बाद मिताली और आकाश दोनों अपनी-अपनी पढ़ाई को पूरा करके इंदौर वापस आ जातें हैं जिसके बाद वह दोनों एक दूसरे से विवाह करने के लिए अपने परिवार से बातचीत करते हैं आकाश अपने पिता तरुण शर्मा से, मिताली के विषय पर बातचीत करता हैं
उधर मिताली अपनी माँ कीर्ति जोशी को सबसे पहले आकाश के विषय पर बताती है आकाश के पिता रिश्ता लेकर मिताली के घर मिलने के लिए पहुँचते हैं जहाँ मिताली के पिता सुरेन्द्र से बातचीत होती हैं और अंत मे कुछ तनावपूर्ण परिस्थितियों के बाद आकाश और मिताली का विवाह परिवार की सहमति के साथ सम्पन्न हो जाता हैं

नमस्ते! मैं नितिन सोनी कई वर्षों से इंटरनेट पर एक लेखक के रूप में कार्य कर रहा हूँ मुझे मजेदार कहानियाँ, शायरियाँ और रिश्तों संबंधित अन्य लेखों को शेयर करना अच्छा लगता हैं मेरे द्वारा एनएस Quotes मंच पर अनेक उपयोगी आर्टिकल को शेयर किया जाता हैं लेखक के साथ-साथ मैं इस ब्लॉग का फाउन्डर भी हूँ मेरा यह लेख पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद! दुबारा भी आए
