Pyaar Ki Kahani: – प्यार करना मनुष्य के वश मे नहीं होता हैं क्योंकि जीवन में प्यार हमें कब, किस समय हो जाता हैं यह बात हमे कई बार प्यार होने के बाद भी मालूम नहीं होती हैं किसी भी मनुष्य के जीवन में यह स्थित एकदम स्वभाविक हैं लेकिन प्यार मे हमें अपने पार्टनर से बातचीत करते समय,
उससे मिलकर अपनी सच्ची भावनाओ को बया करते हुए दिल वाली बातें करनी चाहिए जिससे वह आपके मुख पर उन भावनाओ को लाइव देख पाए कुछ लोग चैटिंग के माध्यम से अपने प्रेमी के साथ कुछ ऐसी बातों को करते हैं जोकि उन्हे उससे मिलकर, भावनाओ को दिखाते हुए कहनी चाहिए
अतुल की बचपन वाली प्रेम कहानी हमें प्यार में एक महत्वपूर्ण सीख देती हैं जिसको समझने के लिए हमें अतुल के इश्क वाले किस्सों को समझते हुए उसकी प्रेम कहानी को जानना होगा यह प्यार वाली कहानी इसीलिए खास हैं क्योंकि अतुल द्वारा की गई यह गलती, उसके जीवन से खुशियों को खत्म कर देती हैं
प्यार को गहराई से समझने के वाले युवाओ के लिए यह रुलाने वाली लव स्टोरी हैं लाइफ में कुछ लोगों का प्यार मे दिल टूटता हैं ऐसे मनुष्य कहानी पढ़ने के बाद अतुल पर क्या बीत रही होगी यह भी महसूस कर सकतें हैं
चैटिंग करके लड़कों या लड़कियों को पटाना सही हैं क्या?
भाई! आजकल इंटरनेट वाला जमाना हैं ऐसी स्थिति में सभी लोग चैटिंग के माध्यम से लड़कियाँ या लड़कों को पटाते हैं यह बात बिल्कुल सत्य हैं लेकिन अगर आप इंटरनेट पर चैटिंग करके किसी मनुष्य के साथ रिलेशनशिप में है तथा आपका यह रिश्ता अभी तक टीका हैं
तब आपको यह समझना होगा कि आपके पार्टनर को सच में इस रिश्ते की कदर हैं लेकिन एक सच ऐसा भी हैं कि इंटरनेट पर इंटरनेट पर रिश्तों के लिए बल्कि टाइपपास के लिए लोग आपका इस्तेमाल कर सकते हैं
चैटिंग करके लड़कों या लड़कियों को पटाना गलत नहीं हैं पर एक धोखे वाले रिश्ते के लिए ऑनलाइन रहकर अपना समय खराब करना गलत हैं ऐसे कच्चे रिश्ते मन भरने के बाद अक्सर टूट जाते हैं
किरदारों के नाम वाली सूची –
| प्रेम कहानी का स्थान – | आगरा (उत्तर-प्रदेश) |
| प्रेमी का नाम – | अतुल शर्मा |
| पिता – | रमेश शर्मा |
| माता – | गायत्री शर्मा |
| प्रेमिका का नाम – | अनामिका रस्तोगी |
| पिता – | पुनीत रस्तोगी |
| माता – | दिव्या रस्तोगी |
रुलाने वाली लव स्टोरी (Love Story in Hindi) – रोमांटिक कहानी लव स्टोरी (Sad Love Story in Hindi) – Sad Love Story Hindi…
दिल टूटने वाली यह कहानी उत्तर-प्रदेश के आगरा से हैं जहाँ कमला नगर में एक अतुल नामक लड़का रहता हैं उसके पिता का नाम रमेश शर्मा हैं जोकि आगरा मे कागज उद्योग के स्वामी हैं रमेश की धर्मपत्नी का नाम गायत्री शर्मा हैं जोकि एक कृष्णा भक्त हैं
कमला नगर में इनका निवास स्थान हैं एक उद्योगपति होने के कारण रमेश के पास कई प्रॉपर्टी हैं एकलौता बेटा होने के कारण अतुल अपने परिवार का लाड़ला हैं तथा क्यूट होने के कारण रमेश एंव उसके परिवार के साथ-साथ कमला नगर के अन्य लोगों (पड़ोसियों) का प्यार भी अतुल को प्राप्त होता हैं
यहाँ अतुल की उम्र लगभग 5 वर्ष के आस-पास हैं लेकिन वह एक शरारती लड़का हैं उसको हँसी मजाक करना, जीवन मे खुश रहना बहुत अच्छा लगता है उधर आगरा के अनुपम बाग के निवासी पुनीत और दिव्या रस्तोगी के घर लगभग 5 वर्ष पूर्व 4 मई 2018 में एक लक्ष्मी स्वरूप बालिका का जन्म होता हैं
जिसका नाम उसके माता-पिता द्वारा अनामिका रखा जाता हैं अनुपम बाग, आगरा के कमला नगर के पास स्थित हैं अनामिका के पिता पुनीत रस्तोगी खुद एक नामी ज्वालर्स हैं उनके परिवार मे अनामिका, पिता पुनीत की अधिक लाड़ली हैं
बचपन में हुई प्रेम वाली दोस्त से मुलाकात
लगभग एक वर्ष बाद कमला नगर के पास स्थित पार्क मे अनामिका तथा जानवी की पहली मुलाकात होती हैं मैं यह पहले बता चुका हूँ कि अतुल एक शरारती लड़का हैं, लेकिन वह शरारत के बहाने लड़कियों को परेशान नहीं करता है लेकिन उस दिन पार्क मे अनामिका अपने कुछ दोस्तों के साथ खेल रही होती हैं,
उसके एक मित्र (लड़की) से अतुल खेलते-खेलते टकरा जाता है यह गलती से होता हैं लेकिन अनामिका की सहेलियाँ इसके लिए अतुल को परेशान करने लगती हैं, इस स्थिति मे शरारती अतुल थोड़ा घबरा जाता हैं क्योंकि वह लड़कियों के साथ कम बातचीत करने वाला लड़का हैं

लेकिन अनामिका की सहेलियाँ मजाक-मस्ती के उद्देश्य से उसको परेशान करती हैं अनामिका, अतुल को देखकर उसके बचाव मे अपने सहेलियों से झगड़ा करते हुए कहती हैं कि बस करो तुम सब! गलती हुई हैं उससे ऐसे परेशान मत करो
यह वो पल होता हैं जब अतुल सोच-विचार मे पड़ जाता हैं क्योंकि उसने ऐसी लड़की नहीं देखी थी जोकि उसके लिए अपने मित्रों से लड़ रही हो हाँ! भाई बाल अवस्था हैं प्यार तो नहीं होगा इनमे, लेकिन बचपन मासूमियत से भरा होता है
अतुल, अनामिका के साफ दिल को देखकर उसके साथ मित्रता कर लेता हैं बचपन से शुरू होने वाली यह मित्रता धीरे-धीरे समय के साथ-साथ गहरी होने लगती हैं एक दूसरे को अच्छे से समझने के कारण अतुल-अनामिका जल्द अच्छे मित्र बन जाते हैं
दोस्ती का साथ स्कूल तक पहुँच गया
कुछ वर्षों अतुल एंव अनामिका दोनों कमला नगर के सेंट एंड्रयूज पब्लिक स्कूल मे एक साथ पढ़ने लग गए थे यह एक ऐसा समय था जब वह दोनों कक्षा नौ मे थे अच्छे मित्र होने के कारण वह दोनों एक साथ बैठकर पढ़ाई किया करते थे

यह कहना गलत नहीं होगा कि अतुल और अनामिका दोनों शुरू से पढ़ाई मे अधिक रुचि रखा करते थे उस दौरान वह एक दूसरे के परिवार वालों से भी परिचित थे एक दूसरे के साथ बिताए जाने वाले यह पल अतुल एंव अनामिका के जीवन मे एक दूसरे के प्रति लगाव को धीरे-धीरे बढ़ा रहा था
यह दोनों के मन मे एक दूसरे के लिए फिक्र, चिंता थी लेकिन उनके दिलों मे एक दूसरे के लिए प्यार का एहसास हैं यह उनको नहीं पता था कक्षा 10 के दौरान वह दोनों एक दूसरे के सोशल मीडिया दोस्त बन जाते हैं जिसके बाद उनके बीच दोस्ती वाली बातें ऑनलाइन सोशल मीडिया के माध्यम से होना शुरू हो जाती है
ऑनलाइन चैटिंग के सफर मे अतुल-अनामिका के बीच हँसी मजाक वाली नॉर्मल बातें होती थी जिसमें पढ़ाई के संबंधित बातों के विषय पर भी बात होने लगी थी कक्षा 12 वाली परीक्षा देने तक अतुल के दिल को अनामिका संग प्रेम का एहसास होने लगा था
अतुल-अमेरिका पहली डेट पर गए
अनामिका का अच्छा मित्र होने के कारण, उसने बिना किसी झिझक के अनामिका को डेट के लिए पूछा, उस समय अनामिका को यह नहीं पता था कि अतुल के दिल मे उसके लिए कुछ हैं वह अतुल संग डेट पर जाने के लिए तैयार हो जाती हैं डेट के दौरान वह एक पार्क मे कुछ पल एक साथ बिताते हैं

इस दौरान अतुल अपने प्रेम का इजहार करते हुए अनामिका से कहता हैं कि अनामिका! हम बचपन से एक दूसरे को जानते हैं इसीलिए मैं समझता हूँ कि हमे किसी भी विषय पर एक दूसरे के साथ खुलकर बात करने मे कोई हिचकिचाट नहीं होनी चाहिए
अनामिका-अतुल की बातों को समझ नहीं पाती हैं लेकिन वह समझ जाती हैं कि अतुल उससे कोई महत्वपूर्ण बात करना चाहता हैं इसीलिए वह उससे कहती हैं कि अतुल! हाँ हम अच्छे मित्र हैं और हम हर टॉपिक पर खुलकर बातचीत कर सकतें हैं लेकिन तुम्हें क्या बात करनी हैं
अनामिका के मुँह से यह सुनकर अतुल को अपनी दिल वाली बात करने के लिए हिम्मत मिल जाती हैं जिसके बाद वह अनामिका से यह बोल देता हैं कि अनामिका मैं तुमसे प्यार करने लगा हूँ! पता नहीं कब से, लेकिन तुम्हारे लिए सच्चे इश्क वाला एहसास मेरे दिल मे हैं
देखो मैं जानता हूँ कि हम अच्छे मित्र हैं और मैं हमारा यह रिश्ता खोना नहीं चाहता हूँ इसीलिए तुम अपनी बात खुलकर रख सकती हो..
अनामिका-अतुल के मुँह से यह बाते सुनकर विचार मे पड़ जाती हैं शायद! उसके दिल को अतुल से प्रेम होने का एहसास अभी तक नहीं हुआ था लेकिन अतुल उसका अच्छा दोस्त था जीवन मे उसको किसी भी चीज के लिए परेशान वह नहीं देख सकती थी
जिसके बाद अनामिका उत्तर मे कहती है कि अतुल! मैं तुम्हें अपना अच्छा दोस्त मानती नहीं हूँ तुम मेरी लाइफ मे वो खास इंसान हो जिसके ऊपर मैं खुद से ज्यादा भरोसा करती हूँ, और प्यार के मामले मे मुझे सोचने के लिए मुझे थोड़ा समय चाहिए
अतुल एक समझदार लड़का था वह यह जान चुका था कि फिलाल अनामिका के दिल मे उसके लिए प्रेम नहीं हैं ऐसी स्थिति मे उसे अपने दिल टूटने की अवस्था अनामिका को नहीं दिखानी चाहिए अन्यथा वह उसको लेकर परेशान हो सकती है
इसीलिए वह अनामिका से कहता है कि हाँ! अनामिका मैं समझ सकता हूँ परंतु तुम्हें इस विषय पर अधिक सोचने की जरूरत नहीं हैं मैं तो यह सब इसीलिए तुम्हारे साथ शेयर कर रहा था क्योंकि मैं अपनी अगली पढ़ाई को पूर्ण करने के लिए अमेरिका जा रहा हूँ.. 20 दिनों बाद मैं कॉलेज के लिए आवेदन करने वाला हूँ
उस स्थिति मे अतुल यह समझ चुका था कि खुद के दिल मे प्रेम भावनाओ को नियंत्रित करने के लिए उसको अनामिका से दूर जाना होगा 12th मे उसके बहुत अच्छे नंबर आए थे जिसके कारण उसके पिता रमेश उसको अमेरिका भेजने वाले थे अतुल के मुँह से यह बाते सुनकर अनामिका विचार मे पड़ जाती है
उसके मन मे अतुल से दूर होने के विषय पर बेचैनी होना शुरू हो जाती हैं उस स्थिति मे वह चुप-चाप अपने घर लौट जाती हैं
प्यार मे बेचैन अनामिका की स्थिति
कुछ दिनों तक अनामिका लगातार उदास वाली स्थिति मे रहती हैं अतुल से मिले अनामिका को 25 दिन बीत चुके हैं माँ दिव्या अपनी पुत्री अनामिका को उदास देखकर, उससे उदासी का कारण पूछती हैं दिव्या और अनामिका के बीच एक माँ-बेटी वाले रिश्ते के साथ-साथ दोस्ती वाला रिश्ता भी हैं
इसीलिए अपने दिल का हाल अनामिका अपनी माँ दिव्या को बता देती हैं उसके बाद, दिव्या अपनी बेटी अनमिका से कहती है कि बेटा! तुझे अतुल से प्यार हो गया हैं, तू उसके दूर जाने को बरदाश नहीं कर पा रही हैं, मैंने सुना हैं कि कल अतुल अमेरिका के लिए निकल रहा हैं तुझे उससे एक बार मिलना चाहिए..
दिव्या के मुँह से यह सब सुनकर अनामिका शाम के समय अतुल से मिलने का प्लान बनाती हैं जिसके बाद वह सीधा अतुल के घर पर चली जाती हैं अतुल छत पर कुछ पल खुद के साथ शांत महोल मे बीता रहा होता हैं अनामिका से कहती हैं कि अतुल! तुम यहाँ ऐसे बैठकर क्या कर रहे हो?
अतुल उत्तर देता हैं कि अरे अनामिका तुम यहाँ! वो मुझे कल अमेरिका जाना हैं इसीलिए सोच रहा हूँ कि वहाँ कैसे क्या करना होगा?
अनामिका बोलती हैं कि तुम कल अमेरिका जा रहे हो अतुल!, मुझे यह बात किसी और से पता चल रही हैं हमारे बीच इतनी दूरियाँ कब से आ गई, ऐसा लगता हैं कि शायद! हम कहने मात्र के लिए अच्छे मित्र हैं
अतुल को अनामिका के मुँह से यह सब सुनकर ऐसा लग रहा था कि उसको बुरा लग रहा हैं जिसके बाद अतुल ने अपने उत्तर मे कहा कि अनामिका! सब कुछ जल्दी-जल्दी हो रहा था और पिछली मुलाकात पर हुई बातों को लेकर तुम असहज महसूस ना करो
बस इसीलिए हमारी मुलाकात नहीं हुई हैं परंतु हमारी दोस्ती हमेशा सच्ची रहेगी, कल मेरे अमेरिका जाने वाली बात तुम्हें ऐसे पता चली हैं उसके लिए मैं माफी चाहता हूँ
अनामिका-अतुल से बोलती हैं कि नहीं रहा जा रहा हैं यार! तुम्हारे बिना, तुम अमेरिका जा रहे हो, पता नहीं मुझे क्या हो रहा हैं इश्क हो चुका हैं तुमसे, तुम्हारे दूर जाने वाली बात सुनकर मेरा दिल दुख रहा हैं ( यह सब कहकर अनामिका की आँखों से प्रेम भरे आँसू बाहर आ जाते हैं )
अतुल यह बात सुनकर खुश हो रहा था कि अनामिका उससे प्रेम करने लगी हैं लेकिन प्यार होने का एहसास अनामिका को देरी से हुआ था परिणामस्वरूप अतुल के अमेरिका जाने को नहीं रोका जा सकता था क्योंकि पढ़ाई के लिए अमेरिका जाने की लगभग सम्पूर्ण तैयारियां हो चुकी थी

फिलाल अनामिका के बेचैन होने वाली स्थिति को बेहतर करने के लिए अतुल अनामिका को उठने के लिए कहता हैं जिसके बाद वह उसका एक हाथ पकड़कर ऊपर आसमान की तरफ इशारा करते हुए कहता हैं कि
अनामिका! जिस तरह वो तारे दूर हैं उसी तरह कुछ पल के लिए हम दूर होने वाले हैं कुछ समय बाद मैं तुम्हारे पास वापस आ जाऊंगा जिसके बाद फिर से हम दोनों एक दूसरे की दुनिया बन जाएंगे हमारे बेहतर भविष्य के लिए मेरा पढ़ाई के लिए अमेरिका जाना जरूरी हैं
अनामिका पढ़ाई के महत्व को अच्छे से समझती हैं और अतुल के जीवन मे वह उसकी बढ़ती कामयाबी के बीच रुकावट नहीं बनना चाहती है जिसके कारण वह अतुल को जाने से नहीं रोकती हैं लेकिन वह अतुल को ऑनलाइन बातचीत करते रहने के लिए कहती हैं
अतुल अनामिका के साथ रोजना 30 मिनट बात करने के लिए सहमत हो जाता हैं जिसके बाद अगले दिन अतुल अमेरिका पढ़ाई के लिए निकल जाता है
ऑनलाइन चैटिंग से हुई अनामिका-अतुल मे लड़ाई
अतुल द्वारा पढ़ाई हेतु अमेरिका पहुँच जाने के लगभग 2 वर्ष तक अनामिका तथा अतुल मे प्यार भरी बातें ऑनलाइन सोशल मीडिया चैटिंग के माध्यम से चलती हैं अनामिका यह जानती हैं कि उसका अतुल के साथ चैटिंग पर अधिक बात करना उसकी पढ़ाई को बाधित कर सकता हैं
इसीलिए वह दिन मे शाम के समय सिर्फ तीस मिनट उससे बाते करती थी अतुल की पढ़ाई का यह अंतिम चरण था जिसके कारण अमेरिका मे उसकी शिक्षा पूर्ण होने के सिर्फ कुछ महीने बचे थे एक दिन शाम के समय अनामिका का मैसेज आने मे 15 मिनट देरी हो जाती है

जिसके बाद अतुल का अनामिका को ऑनलाइन मैसेज आता हैं, अनामिका के देरी से मैसेज आने को लेकर वो थोड़ा गुस्से मे था
अतुल – हाय! अनामिका..
अनामिका – हाँ
अतुल – मुझे लगता हैं कि तुम ज्यादा व्यस्त हो, या शायद! अब मुझे मैसेज भेजना भूलने लगी हो..
अतुल कभी अनामिका के साथ इस तरह बात नहीं करता था वह समझ चुकी थी कि वो गुस्से मे हैं जिसके बाद वह अतुल को उत्तर मे लिखती है कि नहीं! ऐसा नहीं अतुल! मैं मम्मी के साथ थी, बस इसीलिए तुम्हें मैसेज नहीं कर पाई लेकिन तुम्हें क्या हो गया हैं, ऐसे क्यों बात कर रहे हो
यह मैसेज भेजने के बाद अनामिका अतुल के सोशल मीडिया अकाउंट पर उसके अमेरिकी दोस्त द्वारा पोस्ट किये गए कुछ फ़ोटोज़ को देख लेती हैं लेकिन कल अतुल के अमेरिका वाले कॉलेज के अंदर होने वाली पार्टी मे खीची गई फोटो को उसके अमेरिकी फ्रेंड ने उसको टैग करके सोशल मीडिया पर डाल दिया था
जहाँ अतुल के साथ कुछ लड़कियाँ भी थी यह तस्वीरे देखकर अनामिका को अतुल पर गुस्सा आने लगता हैं जिसके बाद वह अतुल को उत्तर मे कहती है अतुल और यह सब क्या हैं तुम वहाँ किन लड़कियों के साथ घूम रहे हो..
अतुल समझ जाता है कि अनामिका उसपर शक कर रही है जिसके बाद वह कहता हैं कि अनामिका! तुम्हारे कहने का क्या मतलब हैं क्या मैं यहाँ लड़कियों के पीछे आया हूँ, सच मे तुम ऐसा सब सोचती हो मेरे बारे मे..
अतुल अनामिका की बात का सीधा उत्तर ना देकर उसको ताल देता हैं जिसके बाद अनामिका कहती है कि अतुल मैं तुम्हारे ऊपर शक नहीं कर रही हूँ लेकिन तुम्हारे इस तरह खीची गई फोटो का क्या मतलब हैं सबसे पहले तुम अपनी बातों से मुझ पर गुस्सा दिखा रहे थे और तुम क्या कर रहे हो, कहाँ हो यह सब जानने का हक हैं मुझे!
अतुल – अच्छा हुआ जो तुमने मुझे याद दिला दिया कि मैं यहाँ पढ़ने के लिए आया हूँ, वरना मैं तो दिन रात पार्टी करता रहता हूँ लड़कियों के साथ घूमना-फिरना मेरा सबसे पसंदीदा आदत है
अतुल के उलटे जवाब को सुनकर अनामिका गुस्सा हो जाती हैं जिसके बाद वह उत्तर मे लिखती हैं कि ठीक हैं अतुल अगर तुम्हें लड़कियों के साथ घूमना पसंद है तो तुम वही क्यों नहीं रह जाते उन सभी लड़कियों को तुम्हारी ज्यादा जरूरत है
इतना कहकर अनामिका मैसेज करना बंद कर देती हैं कुछ दिनों तक दोनों के बीच बिल्कुल भी बात नहीं हुई हैं
ऑनलाइन चैटिंग से दिल टूटा हुआ मुलाकात से जुड़ा
कुछ दिन एक दूसरे से बाते ना होने पर अतुल-अनामिका दोनों एक दूसरे से मुलाकात को तरसने लग गए थे उधर कुछ महीनों मे अपनी पढ़ाई को पूरा करके अतुल अनामिका से मिलने के लिए भारत आ जाता हैं जिसके बाद वह सबसे पहले अनामिका के घर जाता हैं
जहाँ पर दिव्या अतुल से कहती हैं कि बेटा! अनामिका तो अपनी मौसी के घर गई हुई हैं जिसके बाद अतुल अनामिका की माँ दिव्या से कहता हैं कि ठीक हैं आंटी लेकिन अनामिका आए तो उसको बता देना कि मैं उससे मिलने के लिया आया था लगभग 3 घंटों बाद अनामिका मौसी के घर से वापस लौटकर आती है
जिसके बाद उसको माँ दिव्या द्वारा, अतुल के उससे मिलने के लिए घर आने की सूचना प्राप्त होती हैं यह सुनकर वह बहुत खुश हो जाती हैं और तुरंत अतुल के घर उससे मिलने के लिए जाती हैं वहाँ उसको पता चलता हैं कि अतुल पास वाले पार्क घूमने के लिए गया हैं
जब वह पार्क मे जाकर देखती हैं तो अतुल ने पार्क मे फूलों से उसके लिए सॉरी लिखा होता हैं अनामिका यह सब देखकर, अतुल को जोर से हग करती हैं और रोने लगती हैं जिसके बाद अनामिका अतुल से अपनी चैटिंग वाली बातों के लिए सॉरी बोलती हैं

दोनों पुराने मित्र होने के कारण जल्दी एक दूसरे को माफ करते हुए एक दूसरे के साथ पार्क मे कुछ पल एकांत मे बैठकर बिताते है जहाँ अतुल और अनामिका दोनों एक दूसरे के साथ भविष्य बिताने को लेकर प्यार भरी चर्चा करते है

नमस्ते! मैं नितिन सोनी कई वर्षों से इंटरनेट पर एक लेखक के रूप में कार्य कर रहा हूँ मुझे मजेदार कहानियाँ, शायरियाँ और रिश्तों संबंधित अन्य लेखों को शेयर करना अच्छा लगता हैं मेरे द्वारा एनएस Quotes मंच पर अनेक उपयोगी आर्टिकल को शेयर किया जाता हैं लेखक के साथ-साथ मैं इस ब्लॉग का फाउन्डर भी हूँ मेरा यह लेख पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद! दुबारा भी आए
